UV4 TOOLS for you

UV4 Tools - Free Online PDF Tools UV4 Tools Home All Tools About Us Contact Us The Only Free PDF Tools You'll Ever Need Securely manage your digital documents with our complete suite of free online PDF tools. Fast, private, and incredibly easy to use. Welcome to UV4 Tools. Advertisement (728x90) Our Suite of Online PDF Tools ...

Tax Audit Report

 जो लोग कोई बिजनेस करते हैं या फिर कोई प्रोफेशनल सर्विस देते हैं और उनकी कमाई एक तय सीमा से अधिक होती है, उन्हें ITR फाइल करने से पहले अपने अकाउंट्स का ऑडिट (Audit) करवाना जरूरी होता है. टैक्स ऑडिट (Tax Audit) रिपोर्ट फाइल करने की आखिरी तारीख आमतौर पर 30 सितंबर होती है. अगर आप इस तारीख तक टैक्स ऑडिट नहीं करवाते हैं तो आपको जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है. आइए जानते हैं टैक्स ऑडिट से जुड़े तमाम सवालों के जवाब.

किसे करावाना होता है टैक्स ऑडिट?

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

आयकर अधिनियम की धारा 44एबी के तहत अगर आप कोई बिजनेस करते हैं, जिसका सालाना टर्नओवर 1 करोड़ से ज्यादा है तो आपको टैक्स ऑडिट कराना होगा. हालांकि, अगर आपने धारा 44एडी के तहत प्रिज्म्पटिव टैक्सेशन स्कीम का फायदा लिया है और आपका टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से कम है तो आपको टैक्स ऑडिट कराने की जरूरत नहीं है. वहीं अगर आप एक प्रोफेशनल सर्विस देते हैं और आपकी सालाना ग्रॉस रिसीप्ट 50 लाख रुपये से अधिक है, तो भी आपको टैक्स ऑडिट कराना होगा.

टैक्स ऑडिट के लिए किन दस्तावेजों की होती है जरूरत?

टैक्स ऑडिट के लिए कैश बुक होनी जरूरी है, जिसमें सारी कैश रिसीप्ट और पेमेंट का हिसाब-किताब हो. इसके अलावा आपके पास एक जर्नल बुक होनी चाहिए, जिसे मर्केंटाइल अकाउंटिंग सिस्टम के आधार पर मेंटेन किया गया हो. साथ ही एक लेजर बुक होनी चाहिए, जिसमें डेबिट-क्रेडिट की एंट्री होनी चाहिए. इतना ही नहीं, तमाम बिल्स की कार्बन कॉपी भी होनी चाहिए. यानी आपके पास पैसों के आने और जाने से जुड़े तमाम दस्तावेज होने जरूरी हैं.

समय से टैक्स ऑडिट नहीं कराने पर क्या होगा?

जब भी बात टैक्स ऑडिट की आती है तो दो चीजों पर ध्यान देना चाहिए. पहला है ऑडिट रिपोर्ट, जिसके लिए आपको अपने खाते 30 सितंबर तक ऑडिट कराने जरूरी होते हैं. वहीं दूसरा है आईटीआर, जिसे फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है. ध्यान रहे कि ये आईटीआर उन लोगों के लिए, जिन्हें टैक्स ऑडिट कराना जरूरी होता है. जिसे टैक्स ऑडिट कराना जरूरी होता है, अगर वह ऐसा नहीं करता तो उसका इनकम टैक्स रिटर्न डिफेक्टिव मान लिया जाता है. उसे सेक्शन 139 (9) के तहत डिफेक्टिव आईटीआर के लिए ऑटोमेटिक तरीके से नोटिस भेज दिया जाता है. अगर आखिरी तारीख तक कोई शख्स टैक्स ऑडिट नहीं कराता है तो उस पर टोटल सेल्स, टर्नओवर या ग्रॉस रिसीप्ट की 0.5 फीसदी पेनाल्टी लगेगी या उसे 1.5 लाख रुपये चुकाने होंगे, जो भी कम हो. 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

UV4 TOOLS for you

वेबसाइट का पेज सीटीआर बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है?